bnaras ki byar: तुम्हारी हंसी ऐसी
जैसे
गंगा जी में
नहाके निकली ...: तुम्हारी हंसी ऐसी जैसे गंगा जी में नहाके निकली हो वाराणशी
Sunday, 27 November 2016
bnaras ki byar: क्याक्या सिर्फ मौसम गीत गाते है ये पर्वत , नदी ...
bnaras ki byar: क्या
क्या सिर्फ मौसम गीत गाते है
ये पर्वत , नदी ...: क्या क्या सिर्फ मौसम गीत गाते है ये पर्वत , नदी , पंछी नही
क्या सिर्फ मौसम गीत गाते है
ये पर्वत , नदी ...: क्या क्या सिर्फ मौसम गीत गाते है ये पर्वत , नदी , पंछी नही
किसी बात पर मेरी बहु ने मुझे ये सुना दिया
कि
तूने तो पंडित के पीछे अपनी जवानी बर्बाद की
सुनकर मुझे झटका सा लगा
फिर वह चली गयी थी
बाद में वापस आयी
तब मैं घर से बाहर गयी थी
तो, वह सामने गेट इन्तजार क्र रही थी
पुत्र , भी बाहर गया था
ज्यूंहि मेरी नज़र पड़ी
वह बहुत ही खूबसूरत लगी
लगा मोबाइल से चित्र ले लूँ
कि
तूने तो पंडित के पीछे अपनी जवानी बर्बाद की
सुनकर मुझे झटका सा लगा
फिर वह चली गयी थी
बाद में वापस आयी
तब मैं घर से बाहर गयी थी
तो, वह सामने गेट इन्तजार क्र रही थी
पुत्र , भी बाहर गया था
ज्यूंहि मेरी नज़र पड़ी
वह बहुत ही खूबसूरत लगी
लगा मोबाइल से चित्र ले लूँ
Saturday, 26 November 2016
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