Sunday, 10 May 2015

तुमने रंग लगा के 
दिखा दिया 
क्या जादू था 
वो 
वो, लम्हा 
जब 
दिए जला कर 
तुमने 
मुझको जीना सीखा दिया 
बिंदिया 
बिंदिया लगाने वाली 
क्यों लगती है 
बिन काजल की 
तेरी आँखें 
मतवाली 
वो 

रसीली आँखों वाली 
तो, चलूँ 
आज इतना ही 

Friday, 8 May 2015

तुम इतनी खूबसूरत हो की 
तुमपर किसी दिन 
जी भर कर 
कविता लिखूं 
तुम्हे प्रकृति से 
एकाकार करते हुए 
जिंदगी 
जिंदगी बाकि न रहे 
पर, तुम्हे चाहना 
हमेशा शेष रहेगा 
bahut कुछ 
मन में होता है 
लिखने को किन्तु 
जब तुम्हारी 
सुंदरता महसूस होती है 
ये दुनिया को बताने का मन होता है 
की, तुम, कितनी 
पवित्र , सात्विक व् सुंदर हो 

Tuesday, 5 May 2015

क्या 
प्यार कभी 
निरुद्देश्य होता है यदि 
ऐसा होता तो प्यार 
नही होता 
मुझे बहुत तकलीफ होती है 
जब, मेरे अपने 
मेरी बदनामी करते है 
मुझे बेटे के विवाह के लिए 
समाज वालों की 
मदद नही मिल रही है 
इससे मई 
अत्यधिक तनाव में हूँ 
kintu
hmesha 
कृष्ण  मेरे साथ रहते है 

Sunday, 3 May 2015

Muhammad Rafi - Reshma Jawan Ho Gayi - Film Mom Ki Gudiya

बहुत सरल हो तुम 
और तुम्हारी हंसी 
जैसे 
ग्रीष्म में बोगनवोलिया का खिलना 
और , खिल कर लरजना 
tum 
गुलमोहर का 
ख्वाब हो 
तुम्हारे कपोलों का स्पर्श 
जैसे 
खिलते पंखड़ी को छूना 
जैसे गंगा की उछलती लहरों को 
हाथों। ……। ये
तुम हो,
तुम i know very well u
सिर्फ तुम्हे महसूस करना 
और, तुम्हारे बारे में सोचते हुए 
दूरतक चलते चले जाना 
यूँ ही 
निरूद्देश्य जीवन में भी 
तुम्हारी वजह से 
एक 
वजह पा जाना 
ये सब, 
तुम्हारी वजह से है 
जान। ……। 
बहुत दर लगता है 
प्यार से 
आकर्षण से 
आसक्ति से 
अपने को छलने का 
तबाह करने का 
ये भी एक 
नशा है जिसे हम 
प्यार कहते है